https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233बहुत समय पहले की बात है। शिवनगर नामक राज्य में राजा विक्रम का शासन था। वे पराक्रमी और बुद्धिमान थे। उनकी रानी, रूद्राणी, तेजस्वी और साहसी थीं। दोनों ने मिलकर अपने राज्य को समृद्ध बनाया था।
एक रहस्यमयी भविष्यवाणी
एक दिन, एक बूढ़े संत ने दरबार में आकर भविष्यवाणी की, "राजन, तुम्हारे राज्य पर एक बड़ा संकट आने वाला है। यदि तुम इसे टालना चाहते हो, तो तुम्हें चंद्रवन के काले महल में छुपे दिव्य शंख को प्राप्त करना होगा। लेकिन यह आसान नहीं होगा, क्योंकि वह महल शापित है।"
राजा विक्रम ने बिना समय गंवाए इस चुनौती को स्वीकार किया।
https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233रानी का साहस
रानी रूद्राणी को यह सुनकर चिंता हुई। उन्होंने कहा, "राजन, मैं भी तुम्हारे साथ चलूँगी। यह संकट केवल तुम्हारा नहीं, बल्कि पूरे राज्य का है।"
राजा ने पहले इनकार किया, पर रानी के साहस और बुद्धिमत्ता को देखकर उन्होंने अनुमति दे दी।
भूतों का शापित महल
जब राजा और रानी चंद्रवन पहुँचे, तो उन्होंने एक विशाल काले महल को देखा। यह महल उजाड़ था, लेकिन जैसे ही वे उसके अंदर गए, अचानक चारों ओर अंधेरा छा गया। भूतों की डरावनी आवाजें गूँजने लगीं।
एक भूत प्रकट हुआ और गरजा, "जो भी यहाँ से दिव्य शंख चुराने की कोशिश करेगा, उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा!"
रानी की बुद्धिमत्ता
रानी रूद्राणी ने हिम्मत से भूत से कहा, "हम चोरी करने नहीं, बल्कि तुम्हारे श्राप को खत्म करने आए हैं।"
भूत कुछ पल के लिए रुका और बोला, "यदि तुम मेरी आत्मा को मुक्त करना चाहती हो, तो तुम्हें मेरी गूँजती पहेली का उत्तर देना होगा।"
फिर भूत ने पूछा, "ऐसा क्या है जो रात में बढ़ता है, दिन में घटता है, फिर भी कभी समाप्त नहीं होता?"
https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233रानी ने तुरंत उत्तर दिया, "चंद्रमा!"
भूत हँस पड़ा और कहा, "तुमने सही उत्तर दिया। अब मेरा श्राप समाप्त हो गया। यह लो, दिव्य शंख!"
संकट टल गया
राजा-रानी ने दिव्य शंख लेकर शिवनगर लौट आए। जैसे ही उन्होंने इसे मंदिर में रखा, राज्य पर आने वाला संकट टल गया। बारिश से खेत लहलहाने लगे, व्यापार बढ़ा, और प्रजा खुशहाल हो गई।
राजा विक्रम और रानी रूद्राणी की वीरता और बुद्धिमानी से उनका राज्य हमेशा सुख-शांति में रहा।
इस तरह उनकी कहानी युगों-युगों तक सुनाई जाती रही।
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