kahani hindi storyलोमड़ी, शेर और हिरण की कहानी


एक घने जंगल में एक चालाक लोमड़ी रहती थी। उसकी एक भोले-भाले हिरण से दोस्ती थी। लोमड़ी अपनी चतुराई के लिए जानी जाती थी, जबकि हिरण अपनी सुंदरता और मासूमियत के लिए। दोनों अक्सर साथ में बातें करते, खेलते और मस्ती करते। लेकिन लोमड़ी का दिल पूरी तरह साफ नहीं था। वह हमेशा अपने फायदे के बारे में सोचती रहती थी।

शेर का प्रकट होना

जंगल में एक खतरनाक शेर भी रहता था, जो अपने भोजन के लिए शिकार की तलाश में रहता था। एक दिन शेर ने लोमड़ी को बुलाया और कहा,
"मुझे एक ताजा और मोटा शिकार चाहिए। अगर तुम मेरी मदद करोगी, तो मैं तुम्हें इनाम दूँगा।"
लोमड़ी ने सोचा कि अगर वह शेर की बात मान लेगी, तो शेर उसे नुकसान नहीं पहुँचाएगा। उसने योजना बनाते हुए कहा, "मैं आपको एक मोटा हिरण लाकर दूँगी। बस आप मुझे बाद में छोड़ देना।"

लोमड़ी की चालाकी

लोमड़ी ने अपने दोस्त हिरण को धोखा देने की योजना बनाई। वह हिरण के पास गई और कहा,
"मित्र, मैंने जंगल में एक बहुत सुंदर और स्वादिष्ट घास का मैदान देखा है। वहाँ तुम्हें बहुत मजा आएगा। चलो, मैं तुम्हें दिखाती हूँ।"
भोला हिरण लोमड़ी की बातों में आ गया और उसके साथ चल पड़ा।

शेर का हमला

लोमड़ी हिरण को शेर के पास ले गई। जैसे ही हिरण घास खाने के लिए झुका, शेर ने उस पर झपट्टा मारा। लेकिन हिरण तेज था और उसने शेर को चकमा दे दिया। वह भागने में कामयाब हो गया। शेर गुस्से से दहाड़ा और लोमड़ी से बोला,
"तुमने वादा किया था कि मुझे शिकार मिलेगा। अब मैं तुम्हें नहीं छोड़ूँगा।"

लोमड़ी की सजा

शेर ने लोमड़ी को पकड़ लिया और उसे जंगल से भगा दिया। लोमड़ी ने अपनी चालाकी और धोखे का फल भुगता। वहीं, हिरण ने समझ लिया कि सभी दोस्त सच्चे नहीं होते।

कहानी का संदेश

इस कहानी से हमें सिखने को मिलता है कि धोखा देना और किसी का विश्वास तोड़ना हमेशा नुकसानदायक होता है। सच्ची मित्रता विश्वास और ईमानदारी पर आधारित होती है।

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