कान्हा का दिव्य प्रेम

ना धन की चाह है, ना शोहरत की आस,
बस श्रीकृष्ण के चरणों में मिले सच्चा विश्वास।

जब मन घबराए और राह न सूझे कोई,
तब मुरलीधर कृष्ण का नाम ही सहारा होई।

कान्हा तेरी बंसी की धुन में जादू ऐसा है,
जो टूटे दिलों को भी जीना सिखा जाता है।

राधा के प्रेम में जो रंग गया श्याम,
वही बना संसार के दुखों का विराम।

कर्म करो, फल की चिंता छोड़ दो,
गीता का यही संदेश है—कृष्ण से नाता जोड़ लो।

श्याम नाम का रंग जो चढ़ जाए एक बार,
फिर फीका लगे जग सारा संसार।


Post a Comment

0 Comments