🌿 भगवान राम और सच्चा न्याय 🌿


अयोध्या में एक बार रामराज्य के समय की बात है। प्रजा सुखी थी, लेकिन एक दिन एक वृद्ध किसान रोता हुआ राजदरबार में पहुँचा। उसने कहा—
“राजन, मेरे पड़ोसी ने मेरी ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा कर लिया है।”
दरबार में बैठे कई मंत्री उस पड़ोसी के पक्ष में थे, क्योंकि वह धनवान था। सबको लगा कि गरीब किसान को न्याय नहीं मिलेगा।
🌼 राम की परीक्षा
भगवान श्रीराम ने शांत स्वर में कहा—
“न्याय धन और पद देखकर नहीं, सत्य देखकर होता है।”
राम ने स्वयं दोनों पक्षों को खेत तक चलने को कहा। वहाँ पहुँचकर उन्होंने किसान से पूछा—
“तुम्हारी सच्चाई का प्रमाण क्या है?”
किसान बोला—
“प्रभु, यह भूमि और यह वृक्ष साक्षी हैं।”
🌳 चमत्कार
भगवान राम ने उस पुराने बरगद के वृक्ष को स्पर्श किया। तभी वृक्ष से मधुर वाणी निकली—
“हे राजन! यह भूमि इसी किसान की है।”
सारा दरबार स्तब्ध रह गया। धनवान व्यक्ति ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
🌟 धर्म की स्थापना
भगवान राम ने कहा—
“जहाँ राजा स्वयं न्याय के लिए खड़ा होता है, वहीं धर्म जीवित रहता है।”
किसान को उसका अधिकार लौटा दिया गया और दोषी को दंड मिला।
🌸 शिक्षा
👉 सच्चा राजा वही है, जो कमजोर के साथ खड़ा हो।
👉 न्याय ही रामराज्य की आत्मा है।

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