एक गाँव के पास एक साफ़ और शांत नदी बहती थी। उस नदी में एक मछुआरा रोज़ मछलियाँ पकड़ता था। एक दिन उसके जाल में एक छोटी मछली फँस गई।
मछली गिड़गिड़ाकर बोली,
“मुझे छोड़ दो। मैं अभी छोटी हूँ। जब बड़ी हो जाऊँगी तब तुम्हारे ज़्यादा काम आऊँगी।”
मछुआरा सोच में पड़ गया। तभी नदी में तैरती एक बड़ी मछली दिखाई दी। मछुआरे के मन में लालच आ गया और उसने छोटी मछली को छोड़ दिया, बड़ी मछली पकड़ने की कोशिश करने लगा।
लेकिन बड़ी मछली बहुत तेज़ थी। वह हाथ नहीं आई और छोटी मछली भी भाग गई।
मछुआरा खाली हाथ रह गया और पछताने लगा।
📘 शिक्षा:
लालच बुरा होता है, जो मिला है उसी में संतोष करना चाहिए।
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