एक और अत्यंत प्रसिद्ध चौपाई जो श्रीरामचरितमानस में बहुत प्रभावशाली है:
चौपाई:
"राम नाम मनि दीप धरु जीह देहरी द्वार।
तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजियार॥"
अर्थ:
तुलसीदास जी कहते हैं कि यदि तुम अपने जीवन में भीतर और बाहर दोनों ओर प्रकाश चाहते हो, तो अपनी जिह्वा (जीभ) की देहरी पर 'राम' नाम रूपी मणि (अमूल्य रत्न) के दीपक को जलाकर रखो।
व्याख्या:
यह चौपाई भक्ति मार्ग की सरलता और श्रीराम नाम के महत्व को दर्शाती है। तुलसीदास जी समझाते हैं कि अज्ञान, अंधकार, और मोह से बाहर निकलने के लिए श्रीराम के नाम का स्मरण करना ही सबसे सरल और श्रेष्ठ उपाय है। जैसे एक दीपक अंधकार को दूर करता है, वैसे ही 'राम' नाम का जप जीवन के सभी अंधकार (कष्ट, मोह, पाप) को मिटाकर ज्ञान और भक्ति का प्रकाश फैलाता है।
यदि आप किसी विशेष विषय पर चौपाई चाहते हैं, तो बता सकते हैं!
0 Comments