https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233सफलता का रहस्य
एक दिन एक नौजवान लड़का महान दार्शनिक सुकरात के पास आया और उनसे पूछा, "सफलता का रहस्य क्या है?"
सुकरात मुस्कुराए और बोले, "अगर तुम्हें सच में सफलता का रहस्य जानना है, तो कल सुबह नदी के किनारे मुझसे मिलो।"
अगले दिन वह नौजवान सुकरात से मिलने पहुँचा। सुकरात उसे नदी की ओर ले गए और बोले, "मेरे साथ पानी में आओ।"
लड़का थोड़ा हैरान तो हुआ, लेकिन वह सुकरात के साथ पानी में उतर गया। धीरे-धीरे वे दोनों गहरे पानी में जाने लगे। जब पानी गले तक पहुँच गया, तो अचानक सुकरात ने लड़के का सिर पकड़कर उसे पानी में डुबो दिया। लड़का घबराने लगा और बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा, लेकिन सुकरात ने उसे कुछ देर तक रोके रखा। जब लड़के की साँस फूलने लगी, तो उन्होंने उसे छोड़ दिया। लड़का तेजी से पानी से बाहर निकला और जोर-जोर से साँस लेने लगा।
जब वह थोड़ा संभला, तो गुस्से में सुकरात से बोला, https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233"आपने ऐसा क्यों किया? मैं तो सिर्फ सफलता का रहस्य पूछने आया था!"
सुकरात मुस्कुराए और बोले, "जब तुम पानी के अंदर थे, तो तुम्हें सबसे ज्यादा किस चीज की जरूरत महसूस हुई?"
लड़के ने तुरंत जवाब दिया, "सांस की!"
सुकरात ने गंभीरता से कहा, "बस यही सफलता का रहस्य है। जब तुम्हें सफलता उसी तीव्रता से चाहिए होगी, जैसे पानी के अंदर तुम्हें सांस की जरूरत महसूस हुई थी, तभी तुम उसे हासिल कर पाओगे।"
https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233शिक्षा:
अगर आप किसी चीज को सच में पाना चाहते हैं, तो उसे पाने की तीव्र इच्छा और मेहनत होनी चाहिए।
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