बहुत समय पहले की बात है। दक्षिण भारत में अमरपुर नाम का एक छोटा सा गाँव था। इस गाँव में भैरव https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233नामक एक गरीब लेकिन शिवभक्त व्यक्ति रहता था। भैरव प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा करता, शिवलिंग पर जल चढ़ाता और पूरे गाँव में भक्ति का प्रचार करता। उसकी निःस्वार्थ भक्ति के कारण गाँव के लोग उसका बहुत सम्मान करते थे।
लेकिन भैरव का एक ही दुःख था—वह बहुत गरीब था और उसका परिवार भूख से तड़पता था। फिर भी उसने कभी भगवान शिव की पूजा नहीं छोड़ी और हमेशा विश्वास बनाए रखा कि भोलेनाथ उसकी परीक्षा ले रहे हैं।
https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233यमदूतों का आगमन
एक दिन, जब भैरव मंदिर में शिवजी का भजन गा रहा था, अचानक आकाश में अंधेरा छा गया। हवा तेज चलने लगी, और मंदिर के द्वार अपने आप खुलने लगे। अचानक दो विशाल यमदूत प्रकट हुए।
उन्होंने कहा, "भैरव! तुम्हारी मृत्यु का समय आ गया है। चलो हमारे साथ, यमराज तुम्हारी आत्मा को लेने के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।"
भैरव चौंक गया, लेकिन उसने धैर्य नहीं खोया। उसने कहा, "मैं भगवान शिव का भक्त हूँ। जब तक वे अनुमति नहीं देंगे, मैं तुम्हारे साथ नहीं जाऊँगा!"
यमदूत हँसने लगे, https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233"मृत्यु को कोई नहीं रोक सकता, भैरव! तुम्हारी भक्ति भी नहीं!"
शिवजी की परीक्षा
भैरव ने शिवलिंग को जोर से गले लगा लिया और कहा, "हे भोलेनाथ! अगर मेरी भक्ति सच्ची है, तो मुझे मृत्यु से बचाइए!"
यमदूत भैरव की आत्मा को खींचने लगे, लेकिन तभी मंदिर की दीवारें कंपन करने लगीं। अचानक मंदिर के गर्भगृह से एक दिव्य प्रकाश फूटा, और भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए। उनके तीसरे नेत्र से इतनी तेज़ रोशनी निकली कि यमदूत डरकर पीछे हट गए।
भगवान शिव ने गरजते हुए कहा, "जो भी सच्चे मन से मेरी भक्ति करता है, उसकी रक्षा मैं स्वयं करता हूँ! यमराज भी मेरे भक्तों पर अधिकार नहीं जमा सकते!"
यमदूत काँप उठे और तुरंत वहाँ से भाग निकले।
मृत्यु पर विजय
भगवान शिव ने भैरव को वरदान दिया, https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233"भैरव, तुमने अपनी निष्ठा से मृत्यु को भी हरा दिया। अब से तुम्हें धन, सुख और समृद्धि की कोई कमी नहीं होगी। तुम्हारी भक्ति के कारण यह गाँव भी फले-फूलेगा!"
और सचमुच, कुछ ही दिनों में भैरव के जीवन में चमत्कार होने लगे। उसे अज्ञात स्रोतों से धन मिलने लगा, खेतों में फसलें लहलहाने लगीं, और अमरपुर गाँव समृद्ध हो गया।
शिक्षा:
https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह मृत्यु को भी पराजित कर सकती है। भगवान शिव अपने भक्तों की हमेशा रक्षा करते हैं, चाहे कैसी भी परिस्थिति क्यों न हो।
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