एक गाँव में एक कुत्ता रहता था, जो बहुत लालची था। एक दिन उसे एक रोटी का टुकड़ा मिला। वह खुशी-खुशी रोटी लेकर नदी के किनारे पहुंचा। उसने सोचा कि कहीं कोई दूसरा कुत्ता रोटी न छीन ले, इसलिए उसने तेजी से पुल पार करना शुरू किया।
जैसे ही वह पुल के बीच में पहुँचा, उसने नीचे नदी के पानी में झाँका। पानी साफ था और उसमें उसे अपनी परछाई दिखाई दी। लेकिन कुत्ते ने समझा कि यह कोई दूसरा कुत्ता है, जिसके मुँह में भी रोटी है।
लालच में आकर उसने सोचा, "इसकी रोटी भी मेरी हो सकती है।" उसने ज़ोर से भौंककर उस "दूसरे कुत्ते" को डराने की कोशिश की। जैसे ही उसने मुँह खोला, उसकी रोटी नदी में गिर गई।
अब उसके पास कुछ भी नहीं बचा। वह दुखी होकर सोचने लगा, "काश, मैं लालच न करता तो कम से कम मेरी रोटी तो मेरे पास रहती।"
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि लालच का परिणाम हमेशा बुरा होता है।
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