🌳 वृक्ष देव और करुणा का फल 🌳


https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233बहुत समय पहले हरितपुर नामक गाँव में गोपाल नाम का एक लकड़हारा रहता था। वह गरीब था, लेकिन उसका हृदय करुणा से भरा था। वह पेड़ काटता, पर हमेशा सबसे बूढ़े और सूखे पेड़ ही चुनता।
🌿 संकट
एक दिन गाँव में भयंकर गर्मी पड़ी। एक हरा-भरा वृक्ष सूखने लगा। गोपाल ने उसे काटने से मना कर दिया, जबकि उसे धन की सख्त ज़रूरत थी।
🌟 वृक्ष देव की लीला
रात में उस वृक्ष से प्रकाश निकला। वृक्ष देव प्रकट हुए—
https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-9937615590363233हरित तेज, पत्तों का मुकुट, शांत मुख।
उन्होंने कहा—
“जो जीवन की रक्षा करता है, जीवन उसकी रक्षा करता है।”
🌼 फल
अगले दिन उस वृक्ष पर मीठे फल लग गए। गाँव को छाया और अन्न मिला। गोपाल का जीवन भी सुखी हो गया।
🌸 शिक्षा
👉 करुणा से किया गया त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता।
👉 प्रकृति की रक्षा में ही मानव का भविष्य है।

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