🦊 चतुर लोमड़ और कौआ 🐦
एक बार की बात है, एक लोमड़ बहुत भूखा था। वह जंगल में इधर-उधर भोजन की तलाश कर रहा था। तभी उसकी नज़र एक पेड़ पर बैठै कौए पर पड़ी। कौए की चोंच में पनीर का एक टुकड़ा दबा हुआ था।
पनीर देखकर लोमड़ के मुँह में पानी आ गया। वह किसी भी तरह वह पनीर पाना चाहता था। लोमड़ पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो गया और कौए से मीठी-मीठी बातें करने लगा।
लोमड़ बोला,
“कैसे हो कौए भाई! आज तो तुम बहुत सुंदर लग रहे हो। तुम्हारे पंख बड़े चमकदार हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि तुम्हारी आवाज़ भी उतनी ही मधुर होगी। क्यों न आज तुम मुझे अपना एक मधुर गीत सुनाओ?”
कौआ लोमड़ की बातों में आ गया। वह अपनी तारीफ़ सुनकर बहुत खुश हुआ। जैसे ही उसने गाना शुरू करने के लिए मुँह खोला, पनीर का टुकड़ा नीचे गिर पड़ा।
लोमड़ तुरंत पनीर उठाकर भाग गया। जाते-जाते वह बोला,
“कौए भाई, याद रखना—जो बिना सोचे-समझे चापलूसी पर विश्वास करता है, वह हमेशा धोखा खाता है।”
कौआ अपनी गलती समझ गया और पछताने लगा।
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