मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा 🎶


गर्मी का मौसम था। एक टिड्डा दिन-भर पेड़ की डाल पर बैठकर गाना गाता और कूदता रहता था। वहीं पास में एक चींटी थी, जो लगातार मेहनत करके दाने इकट्ठा कर रही थी।
टिड्डे ने हँसते हुए कहा,
“अरे चींटी! इतनी मेहनत क्यों कर रही हो? आओ, मेरे साथ गाना गाओ।”
चींटी बोली,
“अभी मेहनत का समय है। सर्दी आने वाली है।”
कुछ समय बाद सर्दी आ गई। चारों ओर बर्फ़ और ठंड थी। टिड्डे के पास खाने को कुछ नहीं था। वह भूखा-प्यासा चींटी के पास पहुँचा।
चींटी ने उसे भोजन दिया और कहा,
“समय पर की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।”
टिड्डे को अपनी गलती समझ आ गई।
📘 शिक्षा:
समय रहते मेहनत करने से भविष्य सुरक्षित रहता है।

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