ईमानदार बिल्ली और दूध 🥛


एक गाँव में एक बिल्ली रहती थी। एक दिन उसे बहुत भूख लगी थी। वह इधर-उधर खाने की तलाश में घूम रही थी।
तभी उसने एक घर के आँगन में रखा हुआ दूध का कटोरा देखा। बिल्ली ने कटोरे के पास जाकर सूँघा। दूध बहुत स्वादिष्ट लग रहा था।
बिल्ली के मन में विचार आया,
“अगर मैं यह दूध पी लूँ तो कोई नहीं देखेगा।”
लेकिन फिर उसने सोचा,
“जो मेरा नहीं है, उसे लेना गलत है।”
बिल्ली वहाँ से चली गई। थोड़ी देर बाद घर की मालकिन आई। उसने देखा कि दूध सुरक्षित है। उसने बिल्ली की ईमानदारी समझ ली और उसे थोड़ा दूध दे दिया।
बिल्ली खुश हो गई।
📘 शिक्षा:
ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है।
 

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