🌿 भगवान विष्णु और सत्य का पुल 🌿


🌿 भगवान विष्णु और सत्य का पुल 🌿
प्राचीन काल में पद्मपुर नामक नगर था। वहाँ सत्यदेव नाम का एक व्यापारी रहता था। वह बहुत सरल था, पर उसके व्यापार में घाटा होने लगा। लोगों ने उसे सलाह दी—
“थोड़ा झूठ बोल लिया करो, तभी लाभ होगा।”
सत्यदेव ने उत्तर दिया—
“लाभ झूठ से मिले तो भी आत्मा खाली रह जाती है।”
🌊 परीक्षा की घड़ी
एक दिन उसे दूर द्वीप तक व्यापार के लिए जाना पड़ा। मार्ग में समुद्र इतना उग्र हो गया कि जहाज़ आगे बढ़ ही नहीं पा रहा था। नाविक डर गए।
तभी एक वृद्ध यात्री बोला—
“यदि तुम सच्चे हो, तो समुद्र भी मार्ग दे देगा।”
🌟 विष्णु की लीला
सत्यदेव ने आँख बंद कर भगवान विष्णु का स्मरण किया। तभी समुद्र के बीच प्रकाश फैला और जल पर स्वर्णिम पुल बन गया।
वृद्ध यात्री भगवान विष्णु के दिव्य रूप में प्रकट हुए—
शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए।
भगवान बोले—
“सत्य वही सेतु है, जो हर संकट पार कराता है।”
🌼 फल
जहाज़ सुरक्षित पहुँचा। सत्यदेव का व्यापार फला-फूला, पर उसने सत्य का मार्ग कभी नहीं छोड़ा।
🌸 शिक्षा
👉 सत्य सबसे बड़ा धर्म है।
👉 जो सत्य पर चलता है, ईश्वर स्वयं उसका मार्ग बनाते हैं।


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