एक जंगल में एक खरगोश बहुत ईमानदार और मेहनती था। एक दिन वह घास काटते हुए अचानक जमीन में दबा हुआ एक चमकदार सिक्का देखता है। खरगोश बहुत खुश हुआ।
वह सोचने लगा, “इसे मैं उठा लूँ और खुद रख लूँ, कोई नहीं देखेगा।”
लेकिन थोड़ी देर सोचने के बाद उसने कहा,
“यह मेरा नहीं है। इसे किसी का नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं लेना चाहिए।”
खरगोश सिक्का उठाकर जंगल के प्रधान हाथी के पास ले गया और बोला,
“हाथी जी, यह जमीन पर पड़ा था। मैं नहीं चाहता कि यह किसी का खोया हुआ सामान रहे।”
हाथी ने खरगोश की ईमानदारी देखकर उसे बहुत सराहा और कहा,
“तुम सच में बहुत ईमानदार हो। यही सच्चा गुण है। इसे तुम्हारे लिए इनाम समझो।”
और हाथी ने खरगोश को कुछ स्वादिष्ट फल और सब्जियाँ दी। खरगोश खुश होकर वापस अपने घर गया।
नैतिक शिक्षा:
ईमानदारी हमेशा सम्मान और सफलता लाती है।
0 Comments