hindi katha "पूतना वध"


जब कृष्ण बहुत छोटे थे, तब कंस ने उन्हें मारने के लिए कई राक्षसों को भेजा। उनमें से एक थी पूतना, एक राक्षसी जो एक सुंदर स्त्री का रूप धारण करके आई थी। उसका मकसद कृष्ण को विषैला दूध पिलाकर मारना था। वह यशोदा मैया के पास आई और कृष्ण को गोद में लेकर दूध पिलाने लगी। लेकिन नन्हे कृष्ण ने पूतना के स्तन से न केवल दूध पिया, बल्कि उसके प्राण भी खींच लिए। पूतना अपने असली विशालकाय रूप में लौटकर मर गई। यह कथा कृष्ण के दैवीय शक्ति और दुष्टों के संहार की उनकी क्षमता को दर्शाती है।

Post a Comment

0 Comments