kahani hindi storyबुरी संगत का प्रभाव एक रोचक कहानी


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एक समय की बात है, एक गाँव में एक मेहनती किसान रहता था। वह अपने छोटे से खेत पर पूरी लगन और मेहनत से काम करता था। उसकी फसल हर बार अच्छी होती थी, और यह उसकी मेहनत का फल था। लेकिन कुछ समय से उसकी फसल को एक कौवे ने बहुत नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया था।

कौआ पास के एक बड़े पेड़ पर रहता था और हमेशा किसान की पकी हुई फसल पर नजर रखता था। जैसे ही फसल तैयार होती, कौआ अपने दोस्तों को बुलाकर खेत में धावा बोल देता। किसान के कई बार भगाने के बावजूद, कौआ अपनी हरकतों से बाज नहीं आता।

किसान की योजना

एक दिन किसान ने सोचा, "अगर मैं इस कौवे को सबक न सिखा पाया, तो मेरी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी।" उसने एक जाल तैयार किया और उसे खेत के बीचों-बीच बिछा दिया। उसने उसमें कुछ दाने भी डाल दिए ताकि कौआ और उसके साथी जाल में फंस जाएं।

अगले दिन, कौआ अपने दोस्तों के साथ खेत में आया। उसने देखा कि खेत के बीच में दाने बिखरे हुए हैं। वह लोभ में आ गया और अपने दोस्तों से बोला, "देखो, किसान ने हमें मुफ्त में दाने दिए हैं। आओ, इन्हें खा लेते हैं।"

जाल में फंसना

जैसे ही कौआ और उसके साथी दाने खाने गए, वे जाल में फंस गए। किसान दौड़ता हुआ आया और उन्हें पकड़ लिया। कौआ ने किसान से कहा, "कृपया मुझे छोड़ दो। मैं ऐसा दोबारा नहीं करूंगा।"

किसान ने कहा, "तुम्हारे साथी तो गलती से मेरे खेत में आए, लेकिन तुमने जानबूझकर उन्हें यहां बुलाया। तुमने अपनी बुरी संगत और आदतों से न केवल मुझे नुकसान पहुँचाया, बल्कि अपने दोस्तों को भी फंसा दिया।"

शिक्षा

किसान ने बाकी पक्षियों को तो छोड़ दिया, लेकिन कौए को सबक सिखाने के लिए उसे कुछ दिनों तक पिंजरे में रखा। इसके बाद कौआ समझ गया कि बुरी संगत और लोभ का परिणाम हमेशा बुरा होता है।

इस घटना के बाद वह कौआ उस किसान के खेत की ओर कभी नहीं गया।

नैतिक शिक्षा:
बुरी संगत और लोभ से हमेशा बचना चाहिए, क्योंकि यह न केवल हमें बल्कि दूसरों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

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