एक दिन भगवान श्रीराम अपने भक्तों के प्रेम और भक्ति की गहराई जानने का विचार कर रहे थे। उन्होंने माता सीता से कहा, "हनुमान जी मेरी भक्ति में सबसे आगे हैं, लेकिन मैं देखना चाहता हूँ कि क्या वे सचमुच बिना शंका के मुझे सर्वस्व मानते हैं।"
माता सीता मुस्कुराईं और कहा, "स्वामी, यह परीक्षा आपके और हनुमान जी के प्रेम को और गहरा करेगी। आप जो भी निर्णय लें, मैं उसका समर्थन करती हूँ।"
राम की योजना
श्रीराम ने एक योजना बनाई। उन्होंने हनुमान जी को अपने पास बुलाया और कहा, "हनुमान, मुझे तुम्हारी एक सहायता चाहिए। मैंने सुना है कि हिमालय के पार एक दिव्य फूल उगता है, जिसे केवल सच्चा भक्त ही प्राप्त कर सकता है। क्या तुम उसे मेरे लिए ला सकते हो?"
हनुमान जी ने श्रीराम की आज्ञा सिर झुका कर स्वीकार की और तुरंत हिमालय की ओर चल पड़े।
हनुमान की यात्रा
हनुमान जी ने हिमालय की ऊँचाइयों पर जाकर उस दिव्य फूल को खोजा। लेकिन जैसे ही उन्होंने फूल को तोड़ने का प्रयास किया, एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई और कहा, "यह फूल केवल उन्हीं को प्राप्त हो सकता है जो अपने आराध्य को हर परिस्थिति में सच्चा मानते हैं।"
हनुमान जी ने उत्तर दिया, "मेरे लिए रामचंद्र जी ही सब कुछ हैं। वे ही मेरे स्वामी, मित्र, और आराध्य हैं। उनके आदेश से बढ़कर मेरे लिए कुछ भी नहीं।"
यह सुनते ही दिव्य शक्ति ने मुस्कुराते हुए फूल उन्हें सौंप दिया।
हनुमान की परीक्षा
जब हनुमान जी फूल लेकर लौटे, तो उन्होंने देखा कि श्रीराम गहरी निद्रा में हैं। उन्होंने माता सीता से फूल सौंप दिया। लेकिन तभी एक ऋषि प्रकट हुए और कहा, "हनुमान, तुम्हारे राम अब इस दुनिया में नहीं हैं।"
यह सुनकर हनुमान जी शांत खड़े रहे और बोले, "मेरे राम अमर हैं। वे चाहे इस लोक में हों या न हों, मेरे हृदय में सदा जीवित रहेंगे। मैं उनके बिना भी उनकी सेवा करता रहूंगा।"
ऋषि ने यह सुनकर कहा, "हनुमान, तुम्हारी भक्ति सच्ची और अटूट है। यह केवल परीक्षा थी। तुम्हारे राम सदैव तुम्हारे साथ हैं।"
राम का आशीर्वाद
तभी श्रीराम जागे और हनुमान को गले लगाकर बोले, "हनुमान, तुम्हारी भक्ति ने मुझे फिर से याद दिलाया कि प्रेम और सेवा में स्वार्थ का कोई स्थान नहीं। तुम्हारी यह भक्ति मुझे सदा प्रिय रहेगी।"
कथा का संदेश
यह कथा हमें सिखाती है कि सच्चा भक्त वह होता है जो हर परिस्थिति में अपने आराध्य पर विश्वास करता है। भक्ति केवल सेवा और प्रेम से सजीव होती है, और सच्चा प्रेम सभी परीक्षाओं में खरा उतरता है।
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