🌞 सूर्य (Surya)
१ भाव (लग्न): व्यक्तित्व प्रभावशाली, नेतृत्व क्षमता।
२ भाव: धन-संपत्ति में लाभ परंतु वाणी कठोर हो सकती है।
३ भाव: भाई-बहन से मतभेद, साहस और पराक्रम में वृद्धि।
४ भाव: माता से कष्ट, संपत्ति में बाधा।
५ भाव: संतान सुख मिश्रित, बुद्धि प्रखर।
६ भाव: शत्रुओं पर विजय, परंतु स्वास्थ्य में समस्या।
७ भाव: दांपत्य जीवन में तनाव, परंतु सामाजिक मान-सम्मान।
८ भाव: अचानक धन हानि, जीवन में उतार-चढ़ाव।
९ भाव: भाग्य में उतार-चढ़ाव, पिता से मतभेद।
१० भाव: करियर में सफलता, सरकारी कामों में लाभ।
११ भाव: आय के स्रोत बढ़ते हैं, बड़े लोगों से संपर्क।
१२ भाव: खर्च अधिक, विदेश यात्रा का योग।
🌙 चन्द्रमा (Chandra)
१ भाव: कोमल स्वभाव, जनता में प्रिय, मानसिक अस्थिरता।
२ भाव: घर-परिवार में सुख, सुंदर वाणी।
३ भाव: यात्रा अधिक, भाई-बहनों से लगाव।
४ भाव: माता-पिता का सुख, घर-संपत्ति में लाभ।
५ भाव: संतान सुख, कला में रुचि।
६ भाव: मानसिक चिंता, कर्ज की संभावना।
७ भाव: जीवनसाथी सुंदर, परंतु मन अस्थिर।
८ भाव: रहस्यप्रिय, अचानक परिवर्तन।
९ भाव: धार्मिक प्रवृत्ति, भाग्य का साथ।
१० भाव: कार्यक्षेत्र में सफलता, जनता से लाभ।
११ भाव: धन लाभ, मित्रों का सहयोग।
१२ भाव: खर्च अधिक, विदेश में लाभ।
♂ मंगल (Mangal)
१ भाव: उग्र स्वभाव, साहसिक।
२ भाव: धन की हानि, वाणी कठोर।
३ भाव: पराक्रम में वृद्धि, भाइयों से झगड़ा।
४ भाव: भूमि-भवन का लाभ, माता से तनाव।
५ भाव: प्रेम संबंधों में बाधा, संतान से कष्ट।
६ भाव: शत्रुओं पर विजय, करियर में सफलता।
७ भाव: दांपत्य जीवन में संघर्ष।
८ भाव: दुर्घटना व चोट का भय।
९ भाव: भाग्य में विलंब, यात्राओं में कष्ट।
१० भाव: प्रशासनिक पद, सफलता।
११ भाव: मित्रों से लाभ, आर्थिक उन्नति।
१२ भाव: खर्च अधिक, विदेश यात्रा।
🟡 बुध (Budh)
१ भाव: बुद्धिमान, वाणी में मधुरता।
२ भाव: धन-लाभ, वाणी से फायदा।
३ भाव: लेखन, संचार में सफलता।
४ भाव: शिक्षा और संपत्ति में लाभ।
५ भाव: पढ़ाई में उत्कृष्ट, व्यापार में लाभ।
६ भाव: वाणी से शत्रुओं को हराना।
७ भाव: व्यवसायिक सफलता, दांपत्य अच्छा।
८ भाव: रहस्यमय विद्या, शोध में रुचि।
९ भाव: भाग्य का साथ, शिक्षा का लाभ।
१० भाव: व्यापार/नौकरी में उन्नति।
११ भाव: मित्रों से सहयोग, लाभ में वृद्धि।
१२ भाव: खर्च अधिक, विदेश व्यापार में लाभ।
🟠 बृहस्पति (Guru)
१ भाव: ज्ञानवान, धार्मिक, ईमानदार।
२ भाव: धन और परिवार सुख।
३ भाव: भाई-बहनों से प्रेम, धार्मिक यात्रा।
४ भाव: घर-संपत्ति में लाभ।
५ भाव: संतान सुख, पढ़ाई में अच्छा।
६ भाव: शत्रु पर विजय।
७ भाव: उत्तम जीवनसाथी, दांपत्य सुख।
८ भाव: गुप्त विद्या में रुचि।
९ भाव: भाग्यवान, पिता से लाभ।
१० भाव: करियर में सफलता, सरकारी कामों में लाभ।
११ भाव: धन लाभ, बड़े मित्र।
१२ भाव: दानशील, विदेश यात्रा।
🟢 शुक्र (Shukra)
१ भाव: आकर्षक व्यक्तित्व, विलासी।
२ भाव: धन-संपत्ति, मधुर वाणी।
३ भाव: कला, संगीत, यात्रा।
४ भाव: घर-गाड़ी-सुख।
५ भाव: प्रेम संबंध, संतान सुख।
६ भाव: रोग और शत्रु से पीड़ा।
७ भाव: सुंदर जीवनसाथी।
८ भाव: गुप्त रोग, रहस्यमय आकर्षण।
९ भाव: भाग्य में विलंब, परंतु कला से सफलता।
१० भाव: फिल्म/कला/व्यवसाय में लाभ।
११ भाव: मित्रों से सहयोग, आर्थिक उन्नति।
१२ भाव: भोग-विलास, खर्च अधिक।
🟤 शनि (Shani)
१ भाव: मेहनती, जीवन में संघर्ष।
२ भाव: धन की हानि, वाणी कठोर।
३ भाव: साहसी, परंतु भाइयों से मतभेद।
४ भाव: माता से दूरी, संपत्ति का विलंब।
५ भाव: शिक्षा में बाधा, संतान से कष्ट।
६ भाव: शत्रु पर विजय।
७ भाव: विवाह में देरी।
८ भाव: अचानक घटनाएँ, आयु लंबी।
९ भाव: भाग्य का अभाव, परिश्रम से सफलता।
१० भाव: नौकरी/व्यवसाय में सफलता, उच्च पद।
११ भाव: धीरे-धीरे लाभ।
१२ भाव: विदेश यात्रा, खर्च अधिक।
राहु-केतु (Rahu–Ketu)
राहु: जिस भाव में होता है वहाँ छल-कपट, भौतिक आकर्षण और अचानक उतार-चढ़ाव देता है।
केतु: जिस भाव में होता है वहाँ त्याग, आध्यात्मिकता, असंतोष और रहस्य देता है।
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